छंद पूरे होते ही जनता में राजा एवं राजकुमार की जय के नारे गूंज उठे। छंद पूरे होते ही जनता में राजा एवं राजकुमार की जय के नारे गूंज उठे।
जल तू जलाल तू लेखकों पे आई बला को टाल तू ! जल तू जलाल तू लेखकों पे आई बला को टाल तू !